डेनमार्क को भारत से उम्मीद: डेनिश सांसद ने ट्रंप के ग्रीनलैंड के खतरों के बीच जताई आशा
Uncategorizedकोपेनहेगन [डेनमार्क], 9 जनवरी (एएनआई): डेनिश सांसद रास्मस जार्लोव ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी बढ़ने के बीच, उन्हें उम्मीद है कि भारत डेनमार्क का समर्थन करेगा। सांसद ने बताया कि इस मुद्दे पर ‘महत्वपूर्ण’ सिद्धांतों का सवाल है, जो दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि डेनमार्क और भारत के बीच संबंध मजबूत हैं और एक साथ मिलकर हम इन चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।
ट्रंप प्रशासन ने एक बार फिर ग्रीनलैंड पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। इस बीच, जार्लोव ने भारत की भूमिका के प्रति आशावाद व्यक्त किया है, क्योंकि उन्होंने भारत को एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में देखा है।
उन्होंने कहा, “भारत ने हमेशा वैश्विक सुरक्षा और स्वतंत्रता के मुद्दों पर सख्ती से अपनी स्थिति रखी है। हम आशा करते हैं कि भारत हमारे साथ खड़ा होगा और स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए हमारी लड़ाई में हमारा समर्थन करेगा।”
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में ग्रीनलैंड के रणनीतिक महत्व को देखते हुए, डेनमार्क को लग रहा है कि ऐसे समय में भारत का समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
सांसद ने कहा कि यह केवल डेनमार्क का मामला नहीं है, बल्कि यह समस्त वैश्विक सिद्धांतों का प्रश्न है। डेनमार्क और भारत के बीच सहयोग न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए, बल्कि विश्वव्यापी स्तर पर भी महत्वपूर्ण है।
इससे पहले, ट्रंप ने ग्रीनलैंड की खरीद पर गंभीरता से विचार करने की बात की थी, जिसके बाद डेनमार्क ने इसे ‘गंभीर नहीं’ माना था। अबंद इस नए संदर्भ में, भारत और डेनमार्क के संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।